Jamshedpur Scorpio Accident Ajay Pratap – क्या है पूरा मामला?Jamshedpur Scorpio Accident Ajay Pratap – जमशेदपुर के गम्हरिया थाना क्षेत्र में जमीन कारोबारी अजय प्रताप (40) की सड़क दुर्घटना में मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।रविवार देर रात लगभग 11 बजे उनकी स्कॉर्पियो टाटा-कांड्रा मुख्य मार्ग पर डिवाइडर से टकरा गई। हादसा रामचंद्रपुर पेट्रोल पंप के समीप, गम्हरिया थाना से कुछ दूरी पर हुआ।बताया गया है कि टक्कर के बाद वाहन का अगला टायर फट गया और स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़ी रह गई।स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, वाहन की हेडलाइट पूरी रात जलती रही — लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।सुबह स्थानीय लोगों ने कार में अचेत अवस्था में अजय प्रताप को देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला और टीएमएच ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सबसे बड़ा सवाल: थाना के पास हादसा, फिर भी पूरी रात कोई जांच नहीं?यह हादसा गम्हरिया थाना से बेहद नजदीक हुआ। ऐसे में प्रमुख सवाल उठते हैं:1. क्या पुलिस गश्त नहीं कर रही थी?क्या उस रात क्षेत्र में नियमित पेट्रोलिंग हुई?यदि पेट्रोलिंग हुई तो खड़ी स्कॉर्पियो क्यों नजर नहीं आई?2. पूरी रात हेडलाइट जलती रही — किसी ने नोटिस क्यों नहीं किया?क्या पुलिस वाहन, PCR या नाइट पेट्रोलिंग टीम ने रोशनी नहीं देखी?क्या पेट्रोल पंप या आसपास CCTV कैमरे सक्रिय थे? 3. वाहन डिवाइडर से टकराया — क्या कोई ब्रेक मार्क्स मिले?क्या यह सिर्फ कंट्रोल खोने का मामला था?या पहले से स्वास्थ्य समस्या (हार्ट अटैक) की आशंका सही है? 4. क्या एंबुलेंस/आपात प्रतिक्रिया में देरी हुई?अगर रात में पता चल जाता तो क्या जान बच सकती थी?संभावित एंगलहार्ट अटैक थ्योरीपुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि वाहन चलाते समय अजय प्रताप को दिल का दौरा पड़ा होगा।लेकिन:क्या मेडिकल हिस्ट्री की पुष्टि हुई?क्या एयरबैग खुले?क्या सीट बेल्ट लगी थी? तकनीकी एंगलटायर ब्लास्ट पहले हुआ या टक्कर के बाद?वाहन की स्पीड कितनी थी?क्या कार में डैशकैम था?CCTV एंगलपेट्रोल पंप, ट्रैफिक कैमरे, आसपास दुकानों की फुटेज क्या कहती है?आखिरी बार वाहन कब चलता हुआ दिखा?पुलिस की भूमिका पर सवालअगर:हादसा रात 11 बजे हुआथाना पास में थावाहन सड़क किनारे खड़ा थाहेडलाइट जल रही थीतो: क्या यह प्राथमिक लापरवाही का मामला है? क्या नाइट पेट्रोलिंग सिस्टम फेल हुआ? क्या किसी ने कंट्रोल रूम को सूचना दी थी? परिवार और स्थानीय प्रतिक्रियाक्षेत्र में अजय प्रताप की अच्छी पहचान थी।स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर समय पर मदद मिलती तो शायद जान बच सकती थी।पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।आगे क्या जांच होनी चाहिए?पूरी रात की PCR लॉग बुक सार्वजनिक होCCTV फुटेज की जांचपोस्टमार्टम रिपोर्ट सार्वजनिकमोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्डवाहन की फॉरेंसिक जांच Post navigationShifting Power Structures In Twenty-First Century International Political Governance